Category: Innovations

कहानी कूड़े की

कहाँ से आता ,कहाँ को जाता, किसका कूड़ा?किसका कूड़ा? तेरा कूड़ा,तेरा कूड़ा, कोई न कहता मेरा कूड़ा दाएँ कूड़ा-बाएँ कूड़ा , नुक्कड़ और गलियों का कूड़ा, हाय रे! कूड़ा! हाय रे! कूड़ा! कूड़े पर मक्खियों का डेरा , मच्छरों ने भी डाला घेरा , गड्ढों और नाली का कूड़ा, कोई […]

Identity Politics

भारत में लोकतन्त्र पहचान के हिसाब से मौसम की तरह बदलता रहता है l यदि आप हिन्दू है तो मौसम का मिजाज आप के लिए रूखा रहेगा और गैर-हिन्दू होने पर हरा-भरा । अभिव्यक्ति की आज़ादी खतरे में इसलिए नहीं है की किसी विशेष वर्ग को बोलने नहीं दिया जा […]

आज की भाषा

ट्रेंड्ज़ के चलते भाषा का स्वरुप तेज़ी से बदलता जा रहा है| अब वह समय गया जब ‘दूरदर्शन’ या ‘आकाशवाणी’ पर बोले जाने वाली भाषा को आम भाषा कहा जाता था ,अब तो उस भाषा को ‘अति –कठिन’ माना जाता है | यूँ तो बहुभाषिक होना एक गुण होता है […]