Category: Philosophy

स्वयं संघ को अंदर से देखिए और अनुभवों के आधार पर अपना मत बनाइए: डॉ. मोहनराव भागवत

नई दिल्ली: पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दिल्ली प्रांत द्वारा विज्ञान भवन में आयोजित किया गया तीन दिवसीय व्याख्यानमाला चर्चा का विषय बना हुआ है. कहा जा रहा है कि 1925 में संघ की स्थापना के बाद पहली बार इस प्रकार का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम के पहले […]

वर्तमान समय में देशभक्ति

अगर किसी से हम यह पूछे कि समय क्या है ? तो उसका उत्तर होगा ढाई बजे हैं, या तीन बजे हैं l या वह उचित समय कि वर्तमान स्थिति को बताएगा जो उस क्षण घड़ी में होगी l लेकिन वास्तव में समय क्या है? तो इसका उत्तर है ” […]

‘माँ’ की इच्छा के बिना ‘मातृभाषा’ कैसे?

हाय गायज़! (अंग्रेज़ी शब्द हाय व गायज़) आप सोच रहे होंगे कि ये कैसा अभिवादन हुआ। लेकिन ‘नमस्कार’ पढ़ कर आपकी रूचि इस लेख से चली न जाए इसलिए लेखक को ऐसा करना आवश्यक लगा। दरअसल नमस्कार बोलना हमने सीखा ही नही। बचपन में जब माता जी पी.टी.एम. में साथ […]

व्यथित आत्माओं का सन्देश

प्यारे भारतीयों, आप ये पत्र पाकर चौंक गए होंगे और शायद सोच रहे होंगे कि ये ‘व्यथित आत्माएं’ हैं कौन? हम उन लोगों की आत्माएं हैं, जिन्होंने फासीवादी और तानाशाह शासकों के अत्याचार सहे हैं, चाहे वे जर्मनी में हिटलर हो, या आपके अपने देश में आपातकाल हो. हाल ही […]

The Speech Unforgotten

Those who dreamt to conquer the world, were all conquered by the ‘sisters and brothers…’ of Vivekananda. All the compartmentalism was withered, the dogmas, sectarianism, fanaticism, bigotry and superiorism was thrashed just by these handful of letters of this monk from India. What the mightiest swords couldn’t achieve was achieved […]