Category: Socio Political Discourse

Identity Politics

भारत में लोकतन्त्र पहचान के हिसाब से मौसम की तरह बदलता रहता है l यदि आप हिन्दू है तो मौसम का मिजाज आप के लिए रूखा रहेगा और गैर-हिन्दू होने पर हरा-भरा । अभिव्यक्ति की आज़ादी खतरे में इसलिए नहीं है की किसी विशेष वर्ग को बोलने नहीं दिया जा […]

स्वयं संघ को अंदर से देखिए और अनुभवों के आधार पर अपना मत बनाइए: डॉ. मोहनराव भागवत

नई दिल्ली: पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दिल्ली प्रांत द्वारा विज्ञान भवन में आयोजित किया गया तीन दिवसीय व्याख्यानमाला चर्चा का विषय बना हुआ है. कहा जा रहा है कि 1925 में संघ की स्थापना के बाद पहली बार इस प्रकार का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम के पहले […]

व्यथित आत्माओं का सन्देश

प्यारे भारतीयों, आप ये पत्र पाकर चौंक गए होंगे और शायद सोच रहे होंगे कि ये ‘व्यथित आत्माएं’ हैं कौन? हम उन लोगों की आत्माएं हैं, जिन्होंने फासीवादी और तानाशाह शासकों के अत्याचार सहे हैं, चाहे वे जर्मनी में हिटलर हो, या आपके अपने देश में आपातकाल हो. हाल ही […]